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बचà¥à¤šà¥‡ का दूध छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ का सही समय
शिशॠका दूध छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ का कोई विशेष समय नहीं होता (1)। छह महीने की उमà¥à¤° तक के शिशॠको मां के दूध के साथ ही थोड़े-बहà¥à¤¤ ठोस आहार देने की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ की जा सकती है। इससे बचà¥à¤šà¥‡ का विकास दर अचà¥à¤›à¤¾ हो सकता है और उसे उचित पोषण à¤à¥€ मिल सकता है (2)। वहीं, कम से कम 12 महीने की उमà¥à¤° या जब तक मां और बचà¥à¤šà¥‡ की इचà¥à¤›à¤¾ हो, तब तक शिशà¥à¤“ं के लिठमां का दूध à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‹à¤œà¤¨ होता है (3)। इसके अलावा, शिशॠके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ खाठगठठोस आहार को पचाने के लिठà¤à¥€ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• की जरूरत पड़ सकती है। वहीं, मां के दूध में कई पà¥à¤°à¤•ार के पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ होते हैं, जो शिशॠके पाचन को बेहतर कर सकते हैं (4)। इसलिà¤, शिशॠका दूध छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठमां को कम से कम उसके à¤à¤• साल तक का होने का इंतजार करना चाहिà¤à¥¤
मां सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ की कोशिश कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ करती है?
कई कारण हैं, जिनकी वजह से मां शिशॠका सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ की कोशिश करती है। नीचे हम इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ कारणों के बारे में बता रहे हैं (5) :
जब मां को लगता है कि उचित मातà¥à¤°à¤¾ में बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ नहीं हो रहा है, जिस कारण शिशॠअसंतà¥à¤·à¥à¤Ÿ रहता है, तो à¤à¤¸à¥‡ में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¤¾ बेहतर समà¤à¤¾ जाता है।
कà¥à¤› महिलाà¤à¤‚ डिलीवरी के कà¥à¤› समय बाद से वजन कम करने की योजना बनाती हैं, जिसके लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ डायटिंग करनी पड़ती है। इसके लिठà¤à¥€ वो सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ की कोशिश करती हैं।
जैसे-जैसे शिशॠबड़ा होने लगता है, उसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पोषण की जरूरत पड़ती है। à¤à¤¸à¥‡ में केवल बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• उसके संपूरà¥à¤£ विकास के लिठकाफी नहीं होता। इस कारण से महिला सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤•र ठोस आहार की तरफ रà¥à¤– करती हैं।
कà¥à¤› महिलाओं को सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी दिकà¥à¤•तें होती हैं, जिसके चलते वो सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं करा पातीं। à¤à¤¸à¥‡ में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ रोकने का फैसला लिया जाता है।
अगर महिला कामकाजी है, तो मेटरनिटी लीव के बाद उसे अपने काम पर लौटना होता है, जिस कारण वो नियमित रूप से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं करा पाती। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ की यह à¤à¥€ à¤à¤• मà¥à¤–à¥à¤¯ वजह है।
कà¥à¤› महिलाà¤à¤‚ सामाजिक या शारीरिक कारणों से अपने बचà¥à¤šà¥‡ की सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ आवशà¥à¤¯à¤•ताओं को पूरा करने में सकà¥à¤·à¤® नहीं होती हैं। à¤à¤¸à¥‡ में वो बचà¥à¤šà¥‡ को दूध पिलाना बंद कर सकती हैं।
कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान मां के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ पर काट लेते हैं, जिससे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ काफी दरà¥à¤¦ होता है। à¤à¤¸à¥‡ में महिला सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराना छोड़ देती है।
आइà¤, अब उन टिपà¥à¤¸ के बारे में जानते हैं, जो शिशॠके सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की आदत को छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ में मदद करेंगे।
बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने से कैसे रोकें?
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाà¤à¤‚ इस बात से परेशान रहती हैं कि बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने से कैसे रोकें। अगर आप à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ बंद कराने की कोशिश में हैं, तो नीचे दिठगठउपाय आपकी मदद कर सकते हैं :
बचà¥à¤šà¥‡ को तैयार करें : बचà¥à¤šà¥‡ को दूध छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठतैयार करना जरूरी है। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ से पहले उसे बोतल से दूध पिलाने की आदत डालें, फिर धीरे-धीरे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराना कम करें।
ठोस आहार दें : बेशक, बचà¥à¤šà¥‡ के लिठमां का दूध संपूरà¥à¤£ पोषण होता है, इसलिठसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ से पहले उसे अनà¥à¤¯ आहार देने की आदत डालें, ताकि उसे जरूरी पोषण अनà¥à¤¯ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से मिलते रहें।
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ पर दबाव न डालें : जब बचà¥à¤šà¤¾ मां का दूध पीता है, तो निपà¥à¤ªà¤² काफी संवेदनशील हो जाते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आप केवल पीठके बल ही सोà¤à¤‚ और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दबाव न पड़े। à¤à¤¸à¤¾ करने से सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दूध बनने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कम होने लगती है, जिससे बचà¥à¤šà¤¾ आसानी से दूध छोड़ पाता है।
बचà¥à¤šà¥‡ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ à¤à¤Ÿà¤•ाà¤à¤‚ : जब आपको लगे कि बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करना चाहता है, तो उसका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ किसी अनà¥à¤¯ चीज में लगाने की कोशिश करें। इसके लिठआप उसके साथ खेल सकती हैं, उसके लिठगाना गा सकती हैं या उसे बाहर घà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥‡ à¤à¥€ ले जा सकती हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ को रात में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने से कैसे रोकें?
बचà¥à¤šà¥‡ को थोड़ा दूर सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¾ : सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठआप बचà¥à¤šà¥‡ से थोड़ी दूरी बनाकर सो सकती हैं। जब आप बचà¥à¤šà¥‡ के पास सोती हैं, तो वह सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के लिठजिद कर सकता है।
पैसिफायर : आप रात के समय कà¥à¤› देर के लिठबचà¥à¤šà¥‡ को पैसिफायर (कृतà¥à¤°à¤¿à¤• निपà¥à¤ªà¤²) चूसने के लिठदे सकते हैं। इससे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की आदत धीरे-धीरे कम होने लगती है। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि पैसिफायर का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² लगातार नहीं करना चाहिठ(6)।
शाम के समय उसे अचà¥à¤›à¥€ तरह खिलाà¤à¤‚ : आपका बचà¥à¤šà¤¾ अगर ठोस आहार लेता है, तो उसे शाम के समय अचà¥à¤›à¥€ तरह ठोस आहार खिलाà¤à¤‚। इसके अलावा, आप रात के समय सोने से कà¥à¤› देर पहले à¤à¥€ उसे बोतल से अचà¥à¤›à¥€ तरह दूध पिलाà¤à¤‚।
बचà¥à¤šà¥‡ का दूध छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ में कितना समय लगता है?
à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छोड़ने में सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से लेकर कà¥à¤› महीनों तक का समय लग सकता है (7)। यह इस पर निरà¥à¤à¤° करता है कि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ की कोशिश के दौरान आपका बचà¥à¤šà¤¾ किस तरह की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देता है। आप उसकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ही उसका सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ की कोशिश करें। कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ न कराने पर बहà¥à¤¤ रोते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आपको तà¥à¤°à¤‚त न रोककर धीरे-धीरे इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पर चलना चाहिà¤à¥¤
लेख के इस à¤à¤¾à¤— में हम कà¥à¤› घरेलू उपाय बता रहे हैं।
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ की यà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और घरेलू उपाय
आप कà¥à¤› घरेलू उपचार अपनाकर à¤à¥€ अपने बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ की आदत छà¥à¤¡à¤¼à¤¾ सकती हैं। नीचे हम आपको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ की कà¥à¤› यà¥à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बता रहे हैं :
अधिकतर शिशॠसिरà¥à¤« मां के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ को देखकर ही सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने की जिदà¥à¤¦ करने लगते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आप शिशॠके सामने कपड़े न बदलें या फिर सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ न करें।
अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ समà¤à¤¨à¥‡ लायक हो गया है, तो उसे समà¤à¤¾à¤¨à¥‡ की कोशिश करें कि अब उसे मां का दूध नहीं पीना चाहिà¤à¥¤ इसके अलावा, यह à¤à¥€ बताà¤à¤‚ कि किस तरह उसके दांतों से मां को दरà¥à¤¦ होता है।
अगर आपको लगता है कि बचà¥à¤šà¥‡ को मां के दूध की जरूरत है और आप सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं कराना चाहतीं, तो आप पंप की मदद से बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° कर सकती हैं। फिर इसे जरूरत पड़ने पर चमà¥à¤®à¤š से शिशॠको पिला सकती हैं।
अगर आप किसी विशेष कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ या जगह पर बैठकर उसे सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराती हैं, तो अब बचà¥à¤šà¥‡ के सामने उस कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ पर न बैठें। बचà¥à¤šà¥‡ की दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में बदलाव लाने की कोशिश करें, ताकि उसका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ से दूर हो सके।
आप पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का à¤à¥€ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं। आप पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€ के à¤à¤•-à¤à¤• पतà¥à¤¤à¥‡ को बà¥à¤°à¤¾ के अंदर सà¥à¤¤à¤¨ पर रखें। à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› लोगोंं का मानना है कि पतà¥à¤¤à¤¾ गोà¤à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ से बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• सूख जाता है। मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ इस तथà¥à¤¯ की वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ नहीं करता है।
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